सरकारी स्कूलों को बंद करने वाली सरकारें, विकसित राष्ट्र की राह में रोड़ा- मनीष सिसोदिया
केडीएस न्यूज़डेस्क
दिल्ली- आम चुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त देकर सत्ता में पुनः वापसी करने वाली आम आदमी पार्टी ने अपनी जीत के कई कारण बताएं हैं। उन्हीं कारणों में एक कारण आम आदमी पार्टी की शिक्षा नीति भी रही है। मनीष सिसोदिया ने एक ट्वीट कर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए भाजपा शासित राज्यों में शिक्षा नीति के खराब होने का आरोप मढ़ा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि सरकारी स्कूलों को बंद करने वाली सरकारें राष्ट्र को विकसित बनाने की राह में रोड़ा है।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने सरकारी स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया था यही कारण रहा कि दिल्ली में शिक्षा के स्तर में बड़ा बदलाव आया और यह बदलाव लोगों को खासा पसंद आया, यही कारण था कि दिल्ली के लोगों ने दोबारा केजरीवाल सरकार को सत्ता के लिए कुर्सी पर बैठा दिया।
कहीं जर्जर भवन तो कहीं अध्यापक गायब
कुल मिलाकर देश के कई राज्यों में आज भी शिक्षा गुणवत्ता पूर्ण नहीं है यही कारण है कि सरकारी स्कूलों में कई जगह तो ताले पड़े हैं जहां अध्यापक पढ़ाने जाते हैं वहां बच्चे नहीं हैं। स्कूलों की हालत की अगर बात करें तो बेहद जर्जर अवस्था में कई सरकारी स्कूलों के भवन अभी पड़े हैं। जहां यह भी नहीं पता होता कि यह भवन कब धरासायी हो जाएगा, हल्की सी हवा चलने पर भी भवन कांपने लगते हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तो बहुत दूर की बात है दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने शिक्षा की नीति में बेहद सुधार किए थे। यह सुधार इतने कारगर साबित हुए कि वहां पर शिक्षा के स्तर में जबरदस्त सुधार हुआ। आम आदमी पार्टी अपनी जीत में सुधार को भी एक वजह मान रही है और लगातार इसमें और सुधार की बात कह रही है। इसी को लेकर आम आदमी पार्टी में मंत्री रहे मनीष सिसोदिया ने एक ट्वीट कर फिर शिक्षा में और सुधार की बात कही है। उन्होंने इसमें अन्य प्रदेशों की सरकारों पर निशाना साधा है। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है यह है सकारात्मक राजनीति सभी राज्यों और केंद्र को मिलकर सरकारी स्कूलों मैं सुविधाओं और पढ़ाई की गुणवत्ता पर एक समय बद्ध अभियान चलाना चाहिए तभी भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। उनका यह ट्वीट अब राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है। देखना होगा कि अन्य राज्यों में सरकारें शिक्षा नीति में और कितने बदलाव करेंगे, जल्द ही उत्तर प्रदेश में भी चुनाव की आहट मिलने लगेगी। ऐसे में उत्तर प्रदेश में भाजपा का खासा ध्यान होना चाहिए। देखना होगा कि योगी सरकार शिक्षा नीति में अभी और कौन-कौन से बदलाव कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकारी स्कूलों में करा पाएगी।

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