पराली जलाने के मामले में हुए मुकदमों की डीएम ने की समीक्षा
अभिषेक श्रीवास्तव केडीएस न्यूज़ नेटवर्क
सीतापुर- जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पराली जलाने से रोकने हेतु गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। जिलाधिकारी द्वारा गत वर्ष 19-20 में पराली (फसल अवशेषध्कृषि अपशिष्ट) जलाये जाने के सम्बन्ध मे की गयी कार्यवाही की समीक्षा की गयी तथा निर्देश दिये गये कि गत वर्ष पराली जलाने की घटनाओं के सम्बन्ध में की गयी एफआईआर तथा अर्थदण्ड के रूप मे लगाये गये जुर्माना धनराशि की समीक्षा की जाये तथा प्रभावी कार्यवाही की जाये। जिससे पराली जलाने की घटनाये न हो। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर बैठक कराकर लोगों को जागरूक किया जाये। बैठक मे कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी भी उपस्थित रहकर जानकारी उपलब्ध कराये। जनपद मे संचालित कम्बाइनध्हार्वेस्टर मालिकों को यह नोटिस जारी किया जाये कि बिना सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम के हार्वेस्टर न चलाये तथा उल्लधन करने पर कड़ी कार्यवाही की जाये। वर्ष 2020-21 मे फार्म मशीनरी बैक की स्थापना गन्ना समितियों से प्राप्त 06 प्रस्ताव तथा ग्राम पंचायत स्तर से प्राप्त 03 प्रस्ताव का तथा 09 किसान समितियों का सशर्त अनुमोदन किया गया। जिलाधिकारी श्री भारद्वाज द्वारा निर्देशित किया गया कि फार्म मशीनरी बैक तथा कस्टम हायरिंग के आवेदन पत्रों का स्थलीय सत्यापन खण्ड विकास अधिकारी से कराया जाये, विगत वर्षों में स्थापित फार्म मशीनरी तथा कस्टम हायरिंग सेन्टर का वर्ष मे कम से कम एक बार स्थलीय सत्यापन अवश्य किया जाये, जिससे लाभार्थी कृषि यन्त्रों का अनुदान प्राप्त होने के बाद कही बेच न दें।
बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी संदीप कुमार, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला अग्रणी बैक प्रबंन्धक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, सहायक उपायुक्त एवं सहायक निबंन्धक सहकारी समितियां, अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र कटिया, अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र अम्बरपुर एवं प्रगतिषील कृषक, वीरेन्द्र यादव एवं उमेश पाण्डेय विकास खंण्ड गोंदलामऊ उपस्थित रहे।

Comments
Post a Comment